January 27, 2023
Ramanand Ke Guru Kaun The

Ramanand Ke Guru Kaun The – रामानंद के गुरु कौन थे ?

Ramanand Ke Guru Kaun The : बिना गुरु के कोई भी व्यक्ति सही ज्ञान की प्राप्ति नहीं कर सकता है और इसीलिए दुनिया में सबसे बड़ा दर्जा गुरु को ही दिया गया है। जब संत कबीर को ज्ञान की प्राप्ति करनी थी, तब वे अपने गुरु रामानंद के पास पहुंचे थे।

लेकिन क्या आप जानते हैं, कि रामानंद भी किसी के शिष्य रह चुके हैं। यदि नहीं जानते तो चलिए आज के इस लेख में हम जानते हैं, कि रामानंद के गुरु कौन थे ?

हमने आज तक रामानंद जी को संत कबीर के गुरु के रूप में देखा है, लेकिन आज के इस लेख के माध्यम से हम रामानंद जी को एक शिष्य के रूप में भी देखेंगे और जानेंगे, कि Ramanand Ke Guru Kaun The ?


रामानंद कौन थे ?

रामानंद जी मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के सबसे बड़े संत थे। इन्होंने ही सबसे पहले उत्तर भारत में राम भक्ति का प्रचार किया था। इसलिए इनके ऊपर एक कहावत भी प्रचलित है प्रवीण भक्ति उपजाऊ लायो रामानंद। राम भक्ति लाने वाला स्वामी रामानंद ही है।

इसके साथ ही इन्होंने ही सबसे पहले भारत में बैरागी संप्रदाय की स्थापना की थी जिन्हें हम रामानंदी संप्रदाय के नाम से जानते हैं। रामानन्द के संप्रदाय का इतिहास बहुत ही बड़ा है।

इसके अलावा रामानंद जी ने ऐसे तो कई शिष्य बनाए लेकिन उनके प्रमुख 12 शिष्य थे। रामानंद के 12 शिष्यों के नाम अनंतानंद, पीपा, धन्ना, कबीर, सुखानंद, भवानंद, सेननाई, पद्मावती, सुरसरि, नाभादास, रैदास, नरहर्यानंद है।

रामानंद जी के इन 12 शिष्यों को द्वादश महा भागवत कहा जाता है और रामानंद जी ने अपने इन्हीं 12 प्रमुख शिष्यों को सभी जाति समाज में राम भक्ति का प्रचार करने का दायित्व दिया था।


रामानंद के गुरु कौन थे ? – Ramanand Ke Guru Kaun The

रामानंद के गुरु का नाम राघवानंद था। पहले रामानंद जी ने राघवानंद जी से ज्ञान की प्राप्ति की और फिर वही जान उन्होंने अपने शिष्य संत कबीर को भी दिया। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि राघवानंद जी ने ही उनका नाम रामानंद रखा था।

जी हां ,दोस्तों सबसे पहले रामानंद जी प्रारंभिक शिक्षा घर पर है पूरी की और बाद में उच्च शिक्षा पाने के लिए वाराणसी चले गए। कुछ समय बाद उन्होंने एक वैष्णव शिक्षक की तलाश की और उन्हें राघवानंद जी मिले।

फिर रामानंद जी ने राघवानंद जी को ही अपना गुरु बना लिया और कुछ समय बाद राघवानंद जी ने इनका नाम रामानंद रख दिया।

कुछ इतिहासकारों के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि रामानंद जी 11वीं शताब्दी में कृष्ण भक्ति किया करते थे और बाद में ही उस कृष्ण भक्ति ने राम भक्ति का रूप ले लिया।


रामानंद जी का जीवन परिचय

रामानंद जी के जन्म को लेकर कई भ्रांतियां है। कुछ विद्वानों के अनुसार स्वामी जी का जन्म 1299 ईस्वी में प्रयागराज शहर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

इनके जन्म से लेकर ही इनमें कुछ अलौकिक शक्तियों का उजागर देखने को मिल गया था। और इनकी माता सुशीला देवी और पिता पुण्य सदन भी काफी धार्मिक विचारों वाले थे। इसलिए उन्होंने रामानंद जी को शिक्षा के लिए वाराणसी भेज दिया।

वाराणसी में ही रामानंद जी अपने गुरु राघव आनंद जी से मिले। राघवानंद जी के आश्रम का नाम श्रीमठ था जोकि पंचगंगा घाट पर स्थित था। स्वामी जी ने श्री मठ में ही रहकर घोर तपस्या की।

इन्होंने अपने गुरु और माता-पिता के कहने के बाद भी गृहस्थ आश्रम का स्वीकार नहीं किया। बल्कि इन्होंने अष्टांग योग की साधना पूर्ण की और देश में फैली कुरीतियों और अंधविश्वासों को दूर करने में काफी बड़ा योगदान दिया। इसके अलावा भी रमानन्द ने अपने जीवन में कई महान कार्य किए है। चलिये अब जान लेते की रामानंद की मृत्यु कब हुई? इनकी मृत्यु 1411ई. में हुई थी।


रामानंद जी की रचनाएं

रामानंद जी केवल एक महान संत ही नहीं बल्कि महान रचनाकार भी थे। इन्होंने कई ग्रंथ लिखी हैं जोकि संस्कृत भाषा में है। इन्होंने अपने आराध्य श्री राम को ही सब कुछ मानकर ग्रंथों की रचना की है, जिसकी सूची इस प्रकार है :-

  1. वैष्णवमताब्ज भास्कर
  2. श्रीरामार्चनपद्धतिः
  3. रामरक्षास्तोत्र ( हिन्दी ),
  4. सिद्धान्तपटल ( हिन्दी ),
  5. ज्ञानलीला ( हिन्दी ),
  6. ज्ञानतिलक ( हिन्दी ),
  7. योगचिन्तामणि ( हिन्दी )
  8. सतनामी पन्थ ( हिन्दी )

FAQ’S :-

प्रश्न 1रामानंद जी के कितने शिष्य थे ?

उत्तर - ऐसे तो रामानंद जी के पूरे जीवन काल में काफी शिष्य रहे हैं परंतु इनके प्रमुख 12 शिष्य थे। जिसके नाम हमने इस लेख में बताएं हैं।

प्रश्न 2संत रामानंद का जन्म कब हुआ ?

उत्तर - संत रामानंद के जन्म को लेकर काफी भ्रांतियां प्रचलित है। कुछ लोगों का मानना है, कि इनका जन्म 1299 ईसवी 
में हुआ था और कुछ विद्वानों के अनुसार इनका जन्म 1400 में हुआ था। इसके साथ ही कुछ विद्वानों का यह भी मानना है,
कि इनका जन्म माघ कृष्ण सप्तमी संवत 1356 को हुआ था।

प्रश्न 3कबीर ने किसे अपना गुरु बनाया ?

उत्तर - संत कबीर दास जी ने अपना गुरु स्वामी रामानंद जी को बनाया।

प्रश्न 4रामानंद के कितने पुत्र थे ?

उत्तर - रामानंद जी ने कभी भी गृहस्थाश्रम स्वीकार नहीं किया था, इसलिए इनकी ना कोई पत्नी थी और ना ही पुत्र या पुत्री।

प्रश्न 5स्वामी रामानंद के आराध्य देव कौन थे ?

उत्तर - स्वामी रामानंद के आराध्य देव श्रीराम थे।

निष्कर्ष :- 

आज के इस लेख में हमने जाना, कि Ramanand ke guru kaun the ?

उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आपको रामानंद जी की जीवनी के बारे में अच्छी जानकारियां मिल पाई होंगी। यदि आप गुरु रामानंद जी से संबंधित कुछ अन्य जानकारी पाना चाहते है तो हमे कमेंट करें।


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