September 26, 2022
Reverse Merger क्या होता है | Reverse merger in Hindi

Reverse Merger क्या होता है | Reverse merger in Hindi

Reverse Merger kya hota hai :- दोस्तों आपने अक्सर बिजनेस में ऐसा सुना होगा कि दो कंपनियों ने मिलकर Reverse Merger कर लिया, या कहे तो आपने बिजनेस के दुनिया में Reverse Merger का नाम तो अवश्य सुना होगा । मगर क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है, कि Reverse Merger क्या होता है,

और Reverse Merger का अर्थ क्या होता है और Reverse Merger के फायदे क्या क्या होते हैं और रिवर्स मर्जर कैसे काम करता है और Reverse Merger के नुकसान क्या होते हैं अगर आपको इन सब के बारे में नहीं मालूम है।

और आप Reverse Merger के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप हमारे इस लेख के साथ अंत तक बने रहे क्योंकि। इस लेख में हम Reverse Merger से जुड़ी हर एक जानकारी प्राप्त करने वाले हैं तो चलिए शुरू करते हैं इस लेख को बिना देरी किए हुए।


Reverse Merger क्या होता है | What Is Reverse Merger In Hindi ?

जब किसी एक ही फील्ड के दो Company जो की लगभग एक दूसरे से मिलते झूलते काम करती  हो या जब एक ही जैसे काम करने वाले बड़ी Company किसी छोटी Company को अपने साथ मिला कर जो नए Company की गठन करती है, तो इसको Merger कहते है, इस परिस्थिती में जो नया Company बनती है। वह पहले दोनों कंपनियों से बडी बनती है।

मगर जब यही गतिविधिया stock market में लिस्ट कंपनियों के साथ होता है या कहे तो stock market में होता है और  जब छोटी कंपनी अपने से बहुत बड़ी कंपनी को अपने साथ मिलाती है और मिल कर के काम करती है, तो उसे ही Reverse Merger कहा जाता हैं। क्योंकि कभी-कभी नए नए Child Company अपने Parent Company को अपने साथ मिलाकर नई कंपनी बनाती है और एक नए business model पर काम करती है।


Reverse Merger meaning in Hindi | Reverse Merger का अर्थ क्या होता है?

Reverse Merger का अर्थ हिंदी में ” विलय, या फिर रिवर्स मर्जर ही कहा जाता है। Reverse Merger को एक प्रकार का समझौता भी कहा जाता है, जिसके अंतर्गत दो Company मिल कर एक नई Company की गठन करती है, यही Reverse Merger का अर्थ होता है।


Reverse Merger काम कैसे करता है ?

दोस्तों हमने ऊपर के टॉपिक में जाना कि Reverse Merger क्या है और Reverse Merger का अर्थ हिंदी में क्या होता है, अब हम इस टॉपिक के माध्यम से जानेंगे कि Reverse Merger काम कैसे करता है। तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए।

आपको यह तो मालूम चल गया होगा कि Reverse Merger में दो company एक साथ मिलती है। तो  जब दो company मिलती है तब Reverse Merger के कुछ नियम कानून होते है और इसके काम करने का एक तरीका होता है। तो हम इस टॉपिक के मदद से उन्ही सभी तरीको को स्टेप बाई स्टेप समझेंगे।

जब कोई दो company आपस मे मिलती है, तो उनके बीच कुछ समझौता होता है और उनके कुछ जरूरी दस्तावेज बनते है। ताकि आगे जाके उन कंपनियों के बीच नोक झोंक न हो और उनका काम लगातार चलता रहे। वो दोनों कंपनिया एक नए company की गठन करती है। उनका business model भी पहले के अपेक्षा काफी बदला जाता है।

दोनों कंपनियों के सभी मालिक के प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है। company में काफी research की जाती है और नए नए रणनीतियों को अपनाया जाता है। company के profit और loss पर काफी गौर फरमाया जाता है। उन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों पर ध्यान दिया जाता है।

उस नए company का एक नया supervision रखा जाता है। और उस दोनों कंपनियों के बीच काफी समझौता किया जाता है। तो दोस्तों कुछ इसी प्रकार से Reverse Merger काम करता है। तो चलिये आप आगे बढ़ते है, और Reverse Merger से जुड़ी कुछ और जानकारी प्राप्त करते हैं।

Reverse Merger के फायदे

Reverse Merger के फायदे काफी सारे होते हैं हमने Reverse Merger के कुछ फायदों को नीचे में स्टेप बाय स्टेप करके लिखा है तो आप उन्हें ध्यान से पढ़े और समझे।

  • Reverse Merger में कंपनिया काफी तेजी से कम करती है। और उनके काम करने का तरीका सही और सटीक होता है।
  • Reverse Merger में दो company के market capture को मिलाया जाता है। जिस से उनके product काफी तेजी से sell होते है।
  • Reverse Merger में दो company के लागत खर्च काफी कम हो जाते है।
  • Reverse Merger में दो company अपने अलग अलग विस्तार को छोड़ कर एक ही जगह पर ध्यान देती है। जिस से उन्हें काफी फायदा भी होता है।
  • Reverse Merger में जब किसी company का लागत खर्च कम होता है, तब उस कंपनी को काफी लाभ प्राप्त होता है।

Reverse Merger के नुकसान

दोस्तों आपको मालूम होगा कि जिस किसी चीज का फायदा होता है उस चीज का नुकसान भी थोड़ा बहुत तो जरूर होता है। तो  इस टॉपिक में हम Reverse Merger के नुकसान को स्टेप बाय स्टेप करके जानेंगे तो चलिए शुरू करते हैं इस टॉपिक को बिना देरी किए हुए।

  • Reverse Merger में अक्सर कंपनियों के Report फर्जी बनाये जाते है और ऐसे में company का original report किसी के सामने नही आ पाता है।
  • Reverse Merger में धोखाधड़ी जैसे भावनाओं पैदा होने के चांस बहुत रहती है। Reverse Merger में लोग अपना स्वार्थ के बारे में सोचते है।
  • Reverse Merger में किसी company अधिक मालिक होने के कारण कोई भी निर्णय काफी देरी से लिया जाता है। तो दोस्तों कुछ यही Reverse Merger के नुकसान है।

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( Conclusion, निष्कर्ष )

उम्मीद करता हूं, कि आप को मेरा यह लेख बेहद पसंद आया होगा और आप इस लेख के मदद से  Reverse Merger kya hota hai क्या होता है, के बारे में जानकारी प्राप्त कर चुके होंगे।

हमने इस लेख में सरल से सरल भाषा का उपयोग करके आपको एक Reverse Merger in Hindi, से जुड़ी हर एक जानकारी के बारे में बताने की कोशिश की है।

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